इस्लाम में ज़कात देना एक महत्वपूर्ण धर्मिक आदान-प्रदान है और इसे एक मुस्लिम के लिए फर्ज (अनिवार्य) माना जाता है। ज़कात एक धार्मिक आदान-प्रदान है जिसका मकसद धन की पवित्रता बनाए रखना है और समाज में न्याय और सहानुभूति को बढ़ावा देना है।
ज़कात का मानदंड कुरान और हदीसों में स्पष्ट रूप से उपस्थित है। इसे व्यक्ति की सालाना कुल माल की निश्चित प्रतिशत के आधार पर देना होता है। यह प्रतिशत 2.5% है, अर्थात व्यक्ति को उसकी सालाना कमाई का 2.5% आल्लाह के नाम पर देना होता है।
ज़कात देने का सिद्धांत यह है कि जो व्यक्ति अल्लाह के द्वारा उसे दिया गया धन कमाता है, उसे उसके खुदा की इच्छा के अनुसार गरीबों, अनाथों, यतीमों, और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के साथ साझा करना चाहिए। यह एक समर्थन है कि समृद्धि और समाज में न्याय के साथ जीवन जीने का तरीका है।
इस्लाम में, ज़कात को रमजान महीने के दौरान अदा करने की भी खास ताक़त है, लेकिन इसे पूरे इस्लामिक वर्ष में अदा किया जा सकता है।
دینا اسلام میں ایک اہم مذہبی تبادلہ ہے اور اسے ایک مسلمان کے لیے فرض (فرض) سمجھا جاتا ہے۔ زكوة ایک مذہبی تبادلہ ہے جس کا مقصد مال کی حرمت کو برقرار رکھنا اور معاشرے میں انصاف اور بمدردی کو فروغ دینا ہے۔
زكوة کا معیار قرآن و احادیث میں واضح طور پر موجود ہے۔ یہ شخص کی سالانہ خالص مالیت کے ایک خاص فیصد کی بنیاد پر دیا جاتا ہے۔ یہ فیصد 2.5% ہے یعنی ایک شخص کو اپنی سالانہ آمدنی کا 2.5% اللہ کے نام پر دینا پڑتا ہے۔
زکوة دینے کا اصول یہ ہے کہ جو شخص اللہ تعالیٰ کا دیا ہوا مال کماتا ہے اُسے اللہ کی مرضی کے مطابق غریبوں، یتیموں، یتیموں اور معاشی طور پر کمزور لوگوں کے ساتھ بانٹنا چاہیے۔ یہ اس بات کی توثیق ہے۔ کہ معاشرے میں خوشحالی اور انصاف کے ساتھ زندگی گزارنے کا طریقہ موجود ہے۔
اسلام میں زکوة کو رمضان کے مہینے میں ادا کرنے کی ایک خاص طاقت بھی ہے، لیکن یہ پورے اسلامی سال میں ادا کی جا سکتی
ہے۔
इस्लाम में, कृषि उत्पादों पर ज़कात को “ज़कात अल-माज़र” या “प्रोड्यूस पर ज़कात” कहा जाता है।
हाँ, इस्लाम में ज़कात सोने और चांदी पर देना फर्ज (अनिवार्य) है। इसे “ज़कात अल-माल” या “वेल्थ टैक्स” भी कहा जाता है।
ज़कात अल-फित्र ईद के दिन के पहले तीन दिनों में अदा की जाती है और इसे “फित्र चंदा” भी कहा जाता है।
इस्लामिक बैंकिंग, एक विशेष प्रकार की वित्तीय सेवा है जो इस्लामी वित्तीय सिद्धांतों, शरीआती निर्देशों और इस्लामी नैतिकता के अनुसार काम करती है।
Opening of Mission Zakat University